गीत

जीवन मधुमय हो कैसे जब प्रेम का सागर  रीता हो

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"हम तो वक्त से हारकर" सर झुकाएँ खड़े थे ! सामने खड़े कुछ लोग ख़ुद को बादशाह समझने लगे..!!